कानून बनाने से पहले सोच ए इंसान,
तूने कभी कोई नियम तोडा तो नहीं है!
झांक ले तू खुद की परतों में भी पहले,
तेरी सांसों से कभी कोई जला तो नहीं है!
ईमानदारी के नाम पर दिए जलेगे तब ही,
करनी से कोई गरीब चूल्हा बुझा तो नहीं है!
तेरी जुबान की कीमत होगी मगर परख ले ,
कोई मज़लूम तेरे शब्दों से रोया तो नहीं है !
"सतीश गंगवार १२-०९-२०११"
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