ऐ मत कह दोस्त कि तुझे दर्द में शुकून आता है!
उस चमन का क्या होगा जिसे तू ही महकाता हैं!
एक बार तो बता दे क्या चुभन है तेरे दिल में!
बरना मुझे भी सलीके से तेरा दर्द ढूढना आता है!
कुछ तो हुआ है जिसने आज तेरा दिल दुखाया है!
आज है कही तूने झोखा सर्द हवा का खाया है!
आज है कही तूने झोखा सर्द हवा का खाया है!
हर रोज सूरज तुझी से रौशनी लेने आता है !
तेरी चहक से तो सारा ये जहां मुस्कराता है !
तेरी चहक से तो सारा ये जहां मुस्कराता है !
आज तेरी उदासी से अब सवाल उठ आता है!
आखिर हुआ क्या जिस पर तुझे रंज आता है.!
आखिर हुआ क्या जिस पर तुझे रंज आता है.!
एक बार तो बता दे क्या चुभन है तेरे दिल में!
बरना मुझे भी सलीके से तेरा दर्द ढूढना आता है!
** सतीश गंगवार **
बरना मुझे भी सलीके से तेरा दर्द ढूढना आता है!
** सतीश गंगवार **
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